इस बार दिवाली ऐसे मनाये
थोड़ी खुशियाँ और बदाये
मिले जो कोई बंधू बड़ा
छूकर चरण आशीष पाएं
चाय वालें छोटू को भी
इस बार नाम से बुलाएँ
इस बार दिवाली ऐसे मनाये
जो समाज की सबसे निचली
सीढ़ी पे संघर्ष करें
ये दिवाली उसके घर भी
खुशियों की सोगात परिवार परिवार
इस बार दिवाली ऐसे मनाए
त्याग निराशाए व् कुंठाए
मन में उमीद की लहर जगाये
रूठे हो जो कहीं कभी के
गले मिलकर उनको मनाये
इस बार दिवाली ऐसे मनाए
- नीतू गुप्ता
परिवार सहित
Monday, October 24, 2011
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